Brinjal Farming: बैंगन की खेती भारत भर में किया जाता है जो की एक सबसे स्वादिष्ट सब्जी में से एक है। जिसका डिमांड फाइव स्टार होटल से लेकर घर तक व्यापक रूप में की जाती है। बैगन की कई प्रकार की अलग-अलग सब्जियां बनाई जा सकता है जो संवाद और टेस्टिस के लिए काफी महत्वपूर्ण होता है। इसकी खेती सलाद रूप में बहुत आसानी से और कम खर्चे में हो जाता है। इसलिए सभी किसान भाई लोग 12 मास इस सब्जी की खेती करते हैं। क्योंकि मुनाफा किसान भाई लोग को काफी ज्यादा होता है।
बता दे कि भारत में बैगन की खेती प्राचीन काल से ही चली आ रही है। व्यावसायिक और खाने के लिए काफी ज्यादा उपयोग किया जाता है। भारत में मुख्य रूप से पश्चिम बंगाल, उड़ीसा, कर्नाटक, बिहार, महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, आंध्र प्रदेश इत्यादि राज्यों में खेती की जाती है। बैगन की सब्जी के रूप में भरता, भरवा बैगन, आलू बैगन की सब्जी, फ्राई बैगन, बैगन की पकौड़ी इत्यादि खाद्य पदार्थ बनाने के लिए किया जाता है। बैगन से बनी चीज को लोग बड़े ही चाव से कहते हैं। इसीलिए लोगों की मनपसंद सब्जी में से एक है जो शरीर के लिए काफी फायदेमंद भी साबित होता है। और जो किसान इसकी खेती करते हैं उनका मुनाफा भी होता है।
Brinjal Farming
बैगन की खेती अगर वैज्ञानिक तरीका से करते हैं तो काफी ज्यादा उपज होता है। बरसात में बैगन की खेती करने से किसानों को काफी मुनाफा होता है। क्योंकि उसे समय सिंचाई करने की जरूरत नहीं पड़ती है। नेचुरल वर्ष से पौधा में वृद्धि काफी ज्यादा होता है। इसलिए बरसात के मौसम में बैंगन की खेती जरूर करना चाहिए। कृषि एक्सपर्ट की माने तो गम तथा वर्षा ऋतु बैगन की खेती के लिए सबसे उपयुक्त मानी जाती है। अच्छी पैदावार के लिए एक किस से 30 डिग्री सेल्सियस तापमान उचित रहता है। अधिक ठंड का मौसम फल के लिए हानिकारक भी हो सकता है।

बैगन की खेती के लिए मिट्टी
अगर आप अच्छा बैगन के परिवार चाहते हैं तो सबसे पहले अच्छी मिट्टी का चुनाव करना होगा। जिसमें कार्मिक पदार्थ से धनी 5 से 7 पीएच मान वाली उपज रेतीली दोमट मिट्टी होनी चाहिए। इसलिए बैगन की खेती के लिए उचित जल निकासी की व्यवस्था होनी चाहिए।
बैगन के लिए खेती तैयार करें
बैगन की रोपाई से करी 20 से 25 दिन पहले मिट्टी पलटने वाले हाल से एक बार जुटा कर दे। उसके बाद गोबर की का डी को प्रत्येक देकर खेत में 10 से 15 तन सड़ी गोबर की खाद और 2.5 किलो ट्राइकोडर्मा डालें आखिरी जुताई कर मिट्टी को भुरभुरी कर खेत समतल कर देना चाहिए। उसके बाद बैगन की रोपाई करें जिससे अच्छी उपज होगी।
अच्छे पैदवार के लिए ऐसे डाले खाद और उर्वरक
बैगन की अच्छी खेती करना चाहते हैं तो उन्नत खेती के लिए मिट्टी की जांच के आधार पर खाद और उर्वरक डालनी चाहिए। अगर आप जांच करने में असमर्थ है तो खेत की जुताई अच्छे से कर ले। उसके बाद खेतों में सारे गोबर की खाद अच्छी तरीके से मिला दे। उसके बाद फिर से एक बार जुताई कर दे। उसके बाद 50 किलोग्राम नाइट्रोजन 50 किलोग्राम फास्फोरस और 50 किलोग्राम पोटाश प्रति हेक्टेयर की दर से खेत में समान रूप से बिखर कर फिर से एक बार जुताई कर दे।
बैगन की उन्नत किस्में
- संकर किस्में- (Hybrid varieties) अर्का नवनीत और पूसा हाइब्रिड- 6, एम•एच बी-2, एम एच बी-3, एम एच बी-9,एम ई बी एच-11,एम ई बी एच-16, एम ई बी एच-54, एम एच बी-56 प्रमुख है।
- लम्बे फल- ए आर बी एच- 201 प्रमुख है।
गोल फल- एन डी बी एच- 1, ए बी एच- 1, एम एच बी- 10, एम एच बी- 39, ए बी- 2 और पूसा हाइब्रिड- 2 आदि प्रमुख है। - लम्बे फल- पूसा परपल लोंग, पूसा परपल क्लसटर, पूसा क्रान्ति, पन्त सम्राट, आजाद क्रांति, एस- 16, पंजाब सदाबहार, ए आर यू 2-सी और एच- 7 आदि प्रमुख है।
- गोल फल- पूसा परपल राउन्ड, एच- 4, पी- 8, पूसा अनमोल, पन्त ऋतु राज, टी- 3, एच- 8, डी बी एस आर- 31, पी बी- 91-2, के- 202-9, डीबी आर- 8 और ए बी- 1 आदि प्रमुख है।
छोटे गोल फल- डी बी एस आर- 44 और पी एल आर- 1 प्रमुख है।
बैगन की नर्सरी कैसे तैयार करें
बैगन की नर्सरी इस खेत में तैयार करना चाहते हैं उसे क्षेत्र को अच्छे से जुताई कर मिट्टी को और भुरभुरा बना दे उसके बाद नर्सरी क्षेत्र में आवश्यकता अनुसार अच्छी से गोबर का खाद डाल दे एक हेक्टेयर बैगन की खेती करने के लिए लगभग 20 क्यारियों की आवश्यकता होगी खेत तैयार हो जाने के बाद बैगन के बीज बो दे। बी अनुकूलन शुरू होने तक सफेद पॉलिथीन से ढक देता की नर्सरी क्षेत्र में नमी प्राप्त बनी रहे।
बैगन की तुड़ाई
बैगन की रोपाई के करीब 70 80 दिनों में बैगन का फल निकलना शुरू हो जाता है बैगन का फल पूर्ण रूप से विकसित हो जाता है। तभी उसे बैगन को पौधे से तोड़ ले। आप 8-10 दिनों के अंतराल पर बैगन की तुड़ाई कर सकते हैं।
बैगन की पैदावार
बैगन की फसल उचित देखभाल के अनुसार कर रहे हैं तो 200 किलोमीटर प्रति हेक्टेयर तक हो सकती है। पंजाब में प्रति हेक्टेयर 300 क्विंटल तक का उपज हो जाता है। अगर आप अच्छा उसे उन्नत किस्म के बीज बोए है तो इसलिए हमेशा बैंगन की खेती करें तो सिंचाई से लेकर देखभाल अच्छे तरीका से करनी चाहिए।
बैगन की सिंचाई
बैंगन की फसल के लिए अच्छी उपज लेने के लिए खेत में पर्याप्त नमी बनाए रखने के लिए गर्मी के दिनों में 4 से 5 दिनों के अंतराल पर सिंचाई करना चाहिए। वहीं सर्दियों के दिनों में 8 से 10 दिनों के अंतराल पर सिंचाई करनी चाहिए। वर्षा ऋतु में आवश्यकता अनुसार ही सिंचाई करें अन्यथा न करें।
खरपतवारों से बैगन की फसल को कैसे बचाएं
फसल की प्रारंभिक अवस्था में खरपतवार निकाल कर फसल को स्वस्थ बना सकते हैं नुकसानदायक बैगन को फसल से अलग कर सकते हैं प्राकृतिक रूप से खरपतवार नियंत्रण के लिए समस्या में पर नड़ाई गुराई करना चाहिए। अगर कीटाणु बैगन में लग रहा है तो कीटनाशक का छिड़काव भी कर सकते हैं ध्यान रहे की फल निकालने के बाद कीटनाशक के छिड़काव होना करें।

मैं Satendra Kumar, बिहार के सिवान जिले से हूँ। मैं एक Digital Creator, Blogger और YouTuber हूँ और पिछले 5 वर्षों से Education और सरकारी जानकारी से जुड़े सटीक और भरोसेमंद कंटेंट साझा कर रहा हूँ।
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